कुल्हड़ चाय की रवानियाँ - कुल्हड़ चाय की रिवायतें



वो चाय, वो चाहतें, वो नादान इश्क़ की मेहरबानियां

वो इक बात से बढ़ती हुई हुस्न-ए-जानाँ की कहानियां

मैं और मेरी आवारगी और कुल्हड़ चाय की रवानियाँ

सिगरेट के छल्लों उड़ा गई ना जाने कितनी जवानियाँ

- अभय सुशीला जगन्नाथ 

वो चाय, वो चाहतें, वो इश्क़-ओ-मोहब्बत की इनायतें

वो इक बात से बढ़ती हुयी हुस्न-ए-जानाँ की हिकायतें

मैं और मेरी आवारगी और कुल्हड़ चाय की रिवायतें

सिगरेट के छल्लों में उड़ गई ना जाने कितनी मोहब्बतें

- अभय सुशीला जगन्नाथ 



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