गड़े मुरदे

अहल-ए-सियासत ने पैग़ाम-ए-मोहब्बात से किया बयाँ गड़े मुरदे उखाड़ोगे नहीं तो बे-मौत लाशे बिछेंगी कहाँ असल मुद्दों की राख़ के लिए इक शमशान चाहिए यहाँ - अभय सुशीला जगन्नाथ अहल-ए-सियासत ने आवाम को बहका के किया बयाँ गड़े मुरदे उखाड़ोगे नहीं तो बे-मौत लाशे बिछेंगी कहाँ असल मुद्दों की राख़ के लिए इक शमशान चाहिए यहाँ - अभय सुशीला जगन्नाथ अहल-ए-सियासत ने पैग़ाम-ए-मोहब्बात से किया बयाँ गड़े मुरदे उखाड़ोगे नहीं तो बे-मौत लाशे बिछेंगी कहाँ असल मुद्दों को जलाने के लिए इक शमशान चाहिए यहाँ ...