आवारा फिरते थे, जिन गलियों में Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - July 03, 2022 आवारा फिरते थे,जिन गलियों में,मैं और मेरी आवारगी,खड़े है अब भी,उसी मोड़ पे,तेरी आशिकी,मेरी दीवानगी...फुरसत मिले,तो देख जाना,वो इश्क़-ए-बानगी.... - अभय सुशीला जगन्नाथ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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