कातिल मुस्कान
इश्क़ एक राज है, बताया ना करो, नज़र लग जाती है, जताया ना करो... लाख समझाया, शक करता है जमाना, ️ जब पास से गुजरो, तो मुस्कुराया ना करो... वो कुछ कदम तो वो ठीक चले, पर पास आते ही, आपकी कातिल मुस्कान ने, ग़ज़ब के कहर-ओ-असर किए... सुर्ख होठों तबस्सुम लिए, उसने राज-ए-इश्क़ बेनज़र किए 💗 अपनी मुस्कान से दिल की धड़कनों को बढ़ाने वाली हुस्ना को जन्मदिन की अग्रिम बधाई ... - अभय सुशीला जगन्नाथ