Two hearts, one bike, forever side by side... All heads turned whenever they rode by Memoir of unforgettable '90s "Neighbours' Envy, Owners' Pride" 90s की Rx100 हवा से बातें कराती, इंच इंच भर से बचती बचाती, बनारस की गलियों के रहगुजर चलते, लंका और विमेंस कॉलेज आँखें चार करते, फैकल्टी में बे-मन से यदा-कदा, हाज़िरी के चककर पड़ते, और फिर कॉमर्स गेट या उसी चौराहे वाली, अड़ी पर खड़ी, आज फिर उन्ही Rx100 के मालिकों की यादें, मेरे जेहन आन पड़ी... पहली सबसे ज्यादा चलने वाली, अंशु द्विवेदी की जिनके पीछे परमानेंट मेंबर, नविन सिंह और महेश सिंह और यदा कदा आशीष द्विवेदी और मनोज झुंझुनवाला.. दूसरी ज्यादा चलने वाली रितेश भारती की, जिनके पीछे बैठे चेहरे आज भी तारो तजा हैं ; के के सिंह और क्रांतिकारी वीरू सिंह.. तीसरी, सिर्फ फैकल्टी और हॉस्टल के चक्करों में घूमती, लंकेटिंग करती Gym और फिर Gym से संकटमोचन होते लंकेटिंग, इसके मालिक आशीष राय और परमानेंट सवारी प्रमोद गर्ग और अन्ना डॉन अनुराग, और कभी कभी साइन्स फैकल्टी के स्व्घोषित स्वयंभू , परन्तु सर्वमान्य हम लोगों...