Posts

Showing posts from August, 2025

वो अल्हड़ सी इक हुस्ना, और आवारा वो दीवाना !

Image
याद तुम्हें हो ना हो, मुझे तो याद है, गुज़रा हुआ ज़माना ... आंखों ही आंखों बयां होता, इक हसीन अफ़साना... और होठों पर गुनगुनाता वो, दिलकश इक तराना... वो अल्हड़ सी इक हुस्ना, और आवारा वो दीवाना ! My one of the Dearest and Handsome one ! एकदम चॉकलेटी You are such an important person to me and such a big part of my life. I can’t imagine not having you in it ! Sometimes life gives us treasures in the form of loving people. You are one of those gifts and I’m thankful for that ! - Abhay Sushila Jagannath

कजरारे निगाह-ए-नाज़ कमान

Image
अब समझा कजरारे निगाह-ए-नाज़ का मतलब तीर-ए-नजर चलाने को इक कमान बना रखा है - अभय सुशीला जगन्नाथ 

क़ौल-ओ-क़रार Promise वादा-खिलाफ़ी Breaking

Image
 क़ौल-ओ-क़रार था हमारे लिए, और वादा-खिलाफ़ी तुम्हारे लिए ! उस वादे का क़र्ज़ तुम्हारे लिए और निभाने का फ़र्ज़ हमारे लिए ! The #Promise was for me, and #Breaking was for you ! - अभय सुशीला जगन्नाथ 

She passes by, playful and shy, with a hidden smile

Image
Once upon a Time... A Dawn in Banaras, so vivid and so bright, a scene unfolds rare and divine... From the pathways of my thoughts, A glance she throws, with crimson lips as her sign... She passes by, playful and shy, with a hidden smile, and a spark that shine... The Memoir Enshrine, Once upon a Time... - Abhay Sushila Jagannath

महज़बीं सैय्यारा

Image
किसी आसमां की परी तुम, और ज़मीं पे आवारा हम, जैसे महज़बीं की तलाश में कहकशां के सैय्यारा सनम, बड़ी रौ में थी उम्र-ए-रफ़्ता जब जवां थे हमारे कदम - अभय सुशीला जगन्नाथ  

बबिया का आंगन में रहना, दीदिया का टीवी पे ध्यान लगाना

Image
बबिया का आंगन में रहना, दीदिया का टीवी पे ध्यान लगाना, छत पर मेरा एंटिना घूमाना, और फिल्म आते सबका चिल्लाना, #रक्षाबंधन पे याद आ गया, फ़िर #बहन #भाई का गुज़रा ज़माना - अभय सुशीला जगन्नाथ 

दिल्ली के इक प्लेटफार्म

Image
दिल्ली के इक प्लेटफार्म पे कुछ यूँ समय गुजारता हूँ तू किसी ट्रेन से उतरती है मैं एकटक तुझे निहारता हूँ रेलवे कॉलोनी का क़र्ज़-ए-इश्क यूँ भी अब उतारता हूँ - अभय सुशीला जगन्नाथ