करवाचौथ

साइकिल की तीलियों बीच, खिड़की की जालियों ने था देखा,

अक्सरहां दोनों के दरम्यां, बिना चौथ बनती वो छलनी रेखा,

 पुरानी है रूठने-मनाने में, भूखे सताने की वो व्रत कथा

#KarwaChauth #करवाचौथ

                                  - अभय सुशीला जगन्नाथ 

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साइकिल की तीलियों बीच, खिड़की की जालियों ने था देखा,

अक्सरहां दोनों के दरम्यां, बिना चौथ के बनती वो छलनी रेखा,

पुरानी है रूठने-मनाने में, भूखे रह सताने की वो व्रत कथा

KarwaChauth करवाचौथ


                                                   - अभय सुशीला जगन्नाथ 




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