रोज़ हैं मुक़द्दर आजमाते

शायद कहीं मिल जाये यूँ ही, रोज़ हैं मुक़द्दर आजमाते,
जिस राह में घर है तेरा, उस गली हैं अक्सर आते जाते,
मैं और मेरी आवारगी.. और अबतलक पड़े वही रास्ते...


एक राम भक्त, बजरंगबली के दर, दोनों के दर्शन वास्ते 
                                                    - अभय सुशीला जगन्नाथ 

#One #Year of #Shri #Ram #Mandir #Ayodhya  #श्री #राम #सीता #हनुमान #सियावर #रामचन्द्र #बजरंगबलि  #Connaught #Place #HanumanMandir  #Connaughtaplace #Hanuman #Temple



Comments

Popular posts from this blog

राधा-कृष्ण ! प्रेम के सात वचन !

LEGENDARY Always born to Win

Orange Candy - The First Proposal of My Boyhood