इश्क़ से कह दो ले आए कहीं से सावन

भिगोने हैं अल्हड़ बारिशों से फ़िर बेज़ा दामन

जाओ इश्क़ से कह दो ले आए कहीं से सावन 

- अभय सुशीला जगन्नाथ  



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