बहुत बोलती हैं ख़ामोश आंखे
इश्क ये अपने लबों पे सजा के, डरता हूँ कहीं ना तुम मुस्कुरा दो..
बहुत बोलती हैं ख़ामोश आंखे, ज़रा इन पे अपनी पलकें गिरा दो !
दबा जो ज़माने से दिल में हमारे, कभी ना कहने की इजाज़त दिला दो..
#UnspokenWords #ख़ामोश #लफ्ज़ #QuietMoments
- अभय सुशीला जगन्नाथ

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