साइकिल के कैरियर में फंसा, इक कॉपी-इक किताब

साइकिल के कैरियर में फंसा, इक कॉपी-इक किताब,

रिमझिम बूंदों में भीगता, इक गुलदस्ता जिसमें गुलाब,

एक पेड़ के नीचे इक दीवाना और इक हुस्न-ए-शबाब,

मैं और मेरी आवारगी..और वो पहला इश्क-ए-शादाब

- Abhay Sushila Jagannath




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