साइकिल के कैरियर में फंसा, इक कॉपी-इक किताब
साइकिल के कैरियर में फंसा, इक कॉपी-इक किताब,
रिमझिम बूंदों में भीगता, इक गुलदस्ता जिसमें गुलाब,
एक पेड़ के नीचे इक दीवाना और इक हुस्न-ए-शबाब,
मैं और मेरी आवारगी..और वो पहला इश्क-ए-शादाब
साइकिल के कैरियर में फंसा, इक कॉपी-इक किताब,
रिमझिम बूंदों में भीगता, इक गुलदस्ता जिसमें गुलाब,
एक पेड़ के नीचे इक दीवाना और इक हुस्न-ए-शबाब,
मैं और मेरी आवारगी..और वो पहला इश्क-ए-शादाब
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