ना मिली मुझे फ़िर तेरी गली, जहां था तेरा वो छत पहचाना
ना तेरा शहर, ना तेरा मुहल्ला, ना मिला तेरा वो आशियाना,
ना मिली मुझे फ़िर तेरी गली, जहां था तेरा वो छत पहचाना
मैं और मेरी आवारगी खोज रहे, लंकेटिंग में वो चाँद पुराना
- अभय सुशीला जगन्नाथ
ना तेरा शहर, ना तेरा मुहल्ला, ना मिला तेरा वो आशियाना,
ना मिली मुझे फ़िर तेरी गली, जहां था तेरा वो छत पहचाना
मैं और मेरी आवारगी खोज रहे, लंकेटिंग में वो चाँद पुराना
- अभय सुशीला जगन्नाथ
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