हंसा की हिज़्र-ए-चांदनी

कब तलक गुनगुनाऊँ मैं फ़क़त फ़िराक़ की रागिनी,
मेरे अरमानों को भी परवाज़ दे ऐ नाज़नीन हंसिनी,
मैं और मेरी आवारगी और हंसा की हिज़्र-ए-चांदनी !


संलग्न छायाचित्र में BHU BSc 98 Batch के 
"त्रिदेव" "त्रिमूर्ति" और याराना के संगम की "त्रिवेणी" के त्रिलोकनाथ 🌠 ...
बड़े भाई, 
KV BHU के सीनियर, 
BSc के गुरु सखा और 
ABC ( आरा-बलिया-छपरा ) ऑफ भोजपुर के C से... 😲
नहीं-नहीं, भाई !
आप गलत सोच रहे हैं 🤪 
A से आरा वाले बाबू साहब के तारीफ़ में C से छपरा वाले के कुछ शब्द... 😁

BHU में 90 के दशक में, 
फैकल्टी-फैकल्टी की आवारगी में कभी VT मंदिर, तो कभी बिहारी चाय की दुकान और फ़िर शाम की लंकेटिंग से बचे तो हॉस्टल की आवारा फक्कड़ बैठकी में...
ओ हंसिनी , कहां उड़ चली,
मेरे अरमानों के पंख लगा के...

इस गाने को सुना सुना कर, अपने इश्क़ की कहानी से प्रभावित, मिर्जा ग़ालिब के मशहूर शेर

"वो फ़िराक़ और वो विसाल कहां 
वो शब-ओ-रोज़ माह-ओ-साल कहां"
टाइप का भाव लेकर..
अपने विसाल-ए-यार के गम-ए-इंतजार में... 
"त्रिदेव" "त्रिमूर्ति" और याराना के संगम की "त्रिवेणी" के बचे दो धाराओं, अनिल यादव "बॉब", अमित मिश्रा "पंडित" के साथ-साथ दिवंगत मनीष मिश्रा "डब्बा", 
और मुझे भी दिन-रात, अपने गुमनाम इश्क़ की कहानी सुना सुना कर ........... लेते थे !

यहां लेखक कहना चाहता है कि सम्मोहित कर लेते थे 🤪

आप लोग गलत Fill in the ..... Blanks भर दिए 🤸, लेकिन सोच सही रहे थे 🤣

अब मैं यहां एक बची बात और भी बता दूं, की मनीष "डब्बा" जी B से बलिया के थे, तो ABC ऑफ भोजपुर का भी त्रिवेणी संगम, एक दूसरे परिपेक्ष्य में संपूर्ण हुआ 😍

सभी बलिहाटियों को भी जबरिया B से भौकाली होने का विशेष स्नेह, क्योंकि 

भौकाल तो सिर्फ और सिर्फ ख़ांटी बनारसियों पर जचता है 🤪

तो अब फिर से आरा वाले बनारसी पर चलते हैं...

हम सबको अपनी दास्तान ए इश्क़ से भावुक करने वाले, युवा हंसा किशन की कहानी और "ओ हंसिनी" गीत से प्रभावित इस शायरी को लिखने की प्रेरणा और पर्याय के अलावा इसके भावार्थ को समझाने वाले, 
बाबू KK  Guru की दास्तान आपको समझ आ गई होगी !

नाहियो आयल हौ , त हम्मे का 🤣

तो फ़िर से वो पंक्तियां, ताकि संदर्भ, और KK गुरु की कहानी के साथ साथ, ऐसे आपके भी मित्रों की पकड़, और बकर 😝
आपकी जेहन में रहे... 

कब तलक गुनगुनाऊँ मैं फ़क़त फ़िराक़ की रागिनी,
मेरे अरमानों को भी परवाज़ दे ऐ नाज़नीन हंसिनी,
मैं और मेरी आवारगी और हंसा की हिज़्र-ए-चांदनी !

भावुक किशन और दिलदार यार Krishna Kumar Singh  उर्फ़ KK Guru को ...
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं 💓 

#Teenage #Romance & #Romantic #Love #Story 
#BHU #BanarasHinduUniversity #KV #KendriyaVidyalay 
#Ara #Ballia #Chapra #Bhopur #Purvanchal #Poorvanchal

                                                                    - अभय सुशीला जगन्नाथ 


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