बगावत होगी इस बार वक्त-ए-दुआ
बगावत होगी इस बार वक्त-ए-दुआ, तुझसे और तेरे निज़ाम से ऐ जहान-ए-खुदा,
तमाम उम्र जिन सांसों से जीना हुआ, उनकी धड़कनों से क्यूंकर की ये सांसे जुदा
#श्रद्धांजलि #माँ #बाबूजी
अभय सुशीला जगन्नाथ
बगावत होगी इस बार वक्त-ए-दुआ, तुझसे और तेरे निज़ाम से ऐ जहान-ए-खुदा,
तमाम उम्र जिन सांसों से जीना हुआ, उनकी धड़कनों से क्यूंकर की ये सांसे जुदा
#श्रद्धांजलि #माँ #बाबूजी
अभय सुशीला जगन्नाथ
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