निगाहें जम जाएं Locked Gazes Still Remain

तेरी गली फ़िर मैं गुजरूँ, और निगाहें जम जाएं,

फ़िर से दिल ये तेज धड़के, और सांसे थम जाएं

रगों में इश्क़-ए-जुनूँ दौड़े, रूह तलक सुकूँ आए 

Once again !
I walk your lane...
Where locked gazes still remain...

तेरी गली फ़िर मैं गुजरूँ, और निगाहें जम जाएं,

फ़िर से दिल ये तेज धड़के, और सांसे थम जाएं

मैं और मेरी आवारगी, फ़िर वो इश्क़-ए-जुनूँ लाएं

रगों में फ़िर लहू दौड़े, और रूह तलक सुकूँ आए

                                                       - अभय सुशीला जगन्नाथ  







Comments

Popular posts from this blog

राधा-कृष्ण ! प्रेम के सात वचन !

बिन फेरे हम तेरे

परी-सुरसुन्दरी, अप्सरा-देवांगना