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इबादत भी तू, खुदा भी तू ...

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तू मंदिर, तू ही भगवान; तू पूजा. तू ही स्नान   ; तू खुदा, तू ही अज़ान, इसलिए सुबह उठते ही, बस दोस्त से दुआ सलाम, इबादत हो जाती है मेरी ....                     -  अभय सुशीला जगन्नाथ -------------------------------------------- पूजा भी तू, स्नान भी तू, संध्या आरती भी तू, सहरे अज़ान भी तू, मंदिर भी तू, भगवान भी तू , दर्द भी तू, दवा भी तू, साथ भी तू, जुदा भी तू, इबादत भी तू, खुदा भी तू ...                       -  अभय सुशीला जगन्नाथ -------------------------------------------- Good things are always beautiful, But some beauties are GOD  गुदगुदी सी आप की उन्मुक्त हँसी, कानो में आकर ठहाके लगाती रहती है, मेरे आंसू रोकने की ये अदा भी क्या खूब है ...                                         -  अभय सुशीला जगन्नाथ ----------------------------...

I Found Love

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[Ed Sheeran] I found a love for me Oh darling, just dive right In and follow my lead Well, I found a girl, Beautiful and sweet Oh, I never knew you Were the someone waiting For me ‘Cause we were just kids when we fell in love Not knowing what it was I will not give you up this time But darling, just kiss me slow, your heart is all I own And in your eyes, you’re holding mine Baby, I’m dancing in the dark with you between my arms Barefoot on the grass, Listening to our favourite song When you said you looked a mess, I whispered underneath my breath But you heard it, darling, You look perfect tonight [Andrea Bocelli] You’re my woman The strength of the waves of the sea You understand my dreams, even more so my secrets I hope that one day the love that has been with us Will become home, my family; it’ll become us We’re still kids but Nothing is impossible I won’t leave you this time You kiss me slowly and I come back to life And in your eyes I’ll g...

ये तेरी आँखें है ...

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सुबह की ओस सी, आँखों की ये चमक, सूरज के तेज़ की ये झलक, मुस्कुराती खिलखिलाती आँखें हैं, या बारिश के बूंदो की छल छल छलक, आँखों की झील में नाव हैं या पलक , ये पलक जो झुके, तो सुरमई शाम का साथ, बंद हो गए जो, तो घुप काली तनहा रात, इन बंद आँखें में भी तौबा ये शबाब, शायद बुनती रहती हैं, तन्हाई में भी ये कोई हसीन ख्वाब, ख्वाब से उठे तो सुबह की अज़ान, पाकीज़ा से पाक ये तेरी आंखे हैं, या फिर खुदाया विहान, या मेरा ही कोई गुमान, जिस से आज तलक, मैं और मेरी आवारगी अन्जान ... ये तेरी आँखें हैं ...                         -  अभय सुशीला जगन्नाथ ढूंढते  रह  जाएंगे  अब  तो  ता  उम्र , चरणों  से  कह  दो  ज़मीन  पर  आ  जाएं                                      -  अभय सुशीला जगन्नाथ ------------------------------------------------------------- अब तो कुछ...

Baby, Baby, Baby Oh

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Ooh whoa, ooh whoa, ooh whoa You know you love me, I know you care Just shout whenever and I'll be there You are my love, you are my heart And we will never, ever, ever be apart Are we an item? Girl quit playin' We're just friends, what are you sayin' Said there's another, look right in my eyes My first love, broke my heart for the first time And I was like baby, baby, baby oh Like baby, baby, baby no Like baby, baby, baby oh I thought you'd always be mine (mine) Baby, baby, baby oh Like baby, baby, baby no Like baby, baby, baby ooh I thought you'd always be mine Oh for you, I would have done whatever And I just can't believe we ain't together And I wanna play it cool But I'm losin' you I'll buy you anything I'll buy you any ring And I'm in pieces, baby fix me And just shake me, 'til you wake me from this bad dream I'm goin...

शायद तुम जैसी ही वो परी थी

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परियों की वो कहानियां , जो दादी-नानी कभी सुनाती थी, वो भी क्या फ़साना था , शायद तुम जैसी ही वो परी थी , जब बचपन का ज़माना था... कागज़ की वो नाव थी, बारिश का मौसम सुहाना था, नीम की डाली से कभी, घंटो झूला झुलाना था, कच्चे आम और खट्टी इमली खाकर, क्या खूब वो जीभ चटकाना था, शायद तुम जैसी ही वो परी थी, जब बचपन का ज़माना था... बालू और मिटटी का वो, घरौंदा तोड़ना बनाना था, सुन्दर गुड़िया की वो शादी, किसी लकड़ी के गुड्डे से कराना था, फूल पत्ते की वो सब्ज़िया, बनाना और खिलाना था, गुड़िया का श्रृंगार कर, क्या खूब वो इठलाना था, और गुड्डे गुड़िया की लड़ाई पर, जिसको रूठना मनाना था, शायद तुम जैसी ही वो परी थी, जब बचपन का ज़माना था ... वो दौड़ कर कहना आ छु ले, फिर चुपके से छिप जाना था, कोयल और बिल्ली की आवाज़ दे, साथी को बरगलाना था, छुपन छुपाई का वो भी, क्या हसीनअफसाना था, शायद तुम जैसी ही वो परी थी, जिसको खेल खेल में ढूंढ कर लाना था ...                                         ...

इत्तिहाद-ए-हुस्न-ओ-इश्क़

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इत्तिहाद-ए-हुस्न-ओ-इश्क़ का, तौबा ये शबाब, हम  जवान होते गए , वो बेइन्तहा खूबसूरत, हमारी खुशनुमा ज़िन्दगी का, शायद यही लब्बोलुआब ... एक महताब तो दूजा आफताब                         -  अभय सुशीला जगन्नाथ ------------------------------------------------------- तुझ पर लिखू, या उस पर लिखू, बड़ी कश्मकश है , किस पर लिखू, अच्छा लिखा तो, तू इतराएगा, खूबसूरत लिखा तो, हुस्न गुरुर खायेगा, तुम दोनों में जाने क्या नशा है, लिखते ही सुरूर सा छाये, तुझसे बस इतनी ही इल्तज़ा है, ए खुदा तू देख, इस मुक्कमल जोड़ी को, कोई भी नज़र न  लगाए ...                        -  अभय सुशीला जगन्नाथ --------------------------------------------------------- आप का ये साथ, जैसे चाँद और रात, शुब्हानल्लाह ! ये मुक्कमल दीद, जैसे चाँद रात वाली ईद                         -  अभय सुशीला जगन्नाथ ...

मेरा हुस्न, मेरा गुरुर

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मेरा हुस्न मेरा गुरुर  तुमको देखा तो समझ में आया लोग क्यों बुत को खुदा मानते हैं बुत में बुतगर की झलक होती है इसको छूकर उसे पहचानते हैं पहले अंजान थे, अब जानते हैं तुमको देखा तो समझ में आया तुमको देखा तो ये मालूम हुआ, लोग क्यों इश्क़ में दीवाने बने ताज छोड़े गए और तख्त लुटे कैस-ओ-फरहाद के अफसाने बने पहले अंजान थे, अब जानते हैं लोग क्यों बुत को खुदा मानते हैं तुमको देखा तो ये समझ में आया तुमको देखा तो ये अहसास हुआ ऐसे बुत भी हैं जो लब खोलते हैं जिनकी अंगड़ाइयां पर तोलती हैं जिनके शादाब बदन  बोलते हैं पहले अंजान थे, अब जानते हैं लोग क्यों बुत को खुदा मानते हैं तुमको देखा तो ये समझ में आया हुस्न के जलवा-ए-रंगीं में खुदा होता है हुस्न के सामने सजदा भी रवां होता है दीन-ए-उल्फ़त में यही रस्म चली आई है लोग इसे कुफ़्र भी कहते हों तो क्या होता है  पहले अंजान थे, अब जानते हैं लोग क्यों बुत को खुदा मानते हैं तुमको देखा तो ये समझ में आया